क्या भगवान की पूजा करते समय भटके मन तो पड़ता है पाप? प्रेमानंद महाराज ने बताई सच्चाई

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भगवान की पूजा करते समय अक्सर हमारा मन एकाग्र नहीं होता। हम मुंह से मंत्र तो बोलते हैं, लेकिन मन में दूसरे ही विचार चल रहे होते हैं। ऐसे में क्या हमारी पूजा सफल होती है? यह पूछा जाता है। आइए इस सवाल का जवाब जानें।

प्रेमानंदजी महाराज ने इस सवाल का जवाब दिया है। अगर पूजा करते समय आपका मन एकाग्र नहीं होता है, तो नेगेटिव होने की ज़रूरत नहीं है। वे यह भी कहते हैं कि आपको दिखावा करने के बजाय सच्चे दिल से भगवान की पूजा करनी चाहिए।

आप सच में भगवान की पूजा करना चाहते हैं या नहीं, यह आपके मन में क्या चल रहा है, उससे ज़्यादा ज़रूरी है। भगवान आपकी भावनाएँ देखते हैं। वे आपकी कोशिशें देखते हैं, प्रेमानंद महाराज कहते हैं।

अगर पूजा करते समय आपका मन इधर-उधर भटकता है, तो यह सोचना गलत है कि पूजा बेकार जा रही है। प्रेमानंद महाराज ने कहा है कि पूजा के लिए बैठना, दीया जलाना, फूल चढ़ाना बेकार नहीं जाता।